जगदीश्वर निगम ने 1942 में ही दिला दी थी बलिया को आजादी: इंद्रेश कुमार

जगदीश्वर निगम ने 1942 में ही दिला दी थी बलिया को आजादी: इंद्रेश कुमार

नई दिल्ली, 7 अगस्त। आजादी के 75 साल पूरे होने पर देश इसे अमृत महोत्सव के रूप मे मना रहा है। इसी कड़ी में “द एडमिनिस्ट्रेटर – जगदीश्वर निगम वर्सेज ब्रिटिश राज 19 अगस्त 1942” पुस्तक का विमोचन दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल में किया गया। पुस्तक का विमोचन संघ के वरिष्ठ प्रचारक और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संस्थापक सदस्य इंद्रेश कुमार के हाथों हुआ। विमोचन पर संघ नेता ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव पर ऐसे क्रांतिकारी अफसरों को याद करने का अवसर मिल रहा है यह बड़े गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि एडमिनिस्ट्रेटर पुस्तक में जगदीश्वर निगम के स्मृतियों को जीवंत किया गया है। संघ नेता ने कहा कि देश को भले ही 1947 में आजादी मिली लेकिन क्रांतिकारी जगदीश्वर निगम के कारण बलिया 1942 में ही आजाद हो गया था।

इंद्रेश कुमार ने पुस्तक का जिक्र करते हुए कहा कि यह पुस्तक एक ऐसी सच्ची घटना पर लिखी गई है जिसने अंग्रेज सरकार की चूलें हिला कर रख दी थीं। गांधी जी के असहयोग आंदोलन की घोषणा के बाद आईसीएस अधिकारी जगदीश्वर निगम ने ऐतिहासिक कदम उठाया था।

विमोचन समारोह में यूपी के बलिया से सांसद वीरेंद्र सिंह समेत देश-विदेश से मेहमान आए थे। जिनमें प्रमुख थे जिम्बाब्वे, फिलिस्तीन, बोस्निया हरजेगोवीना, मंगोलिया, स्लोवेनिया, मैसेडोनिया, सर्बिया, यूरोपियन यूनियन के राजदूत एवं प्रतिनिधि शामिल हुए और सबने जगदीश्वर निगम की काफी सराहना की। साथ ही साथ सब ने एक स्वर में इसे शांति के लिए उठाया गया कदम बताया। विदेशी राजदूतों एवं प्रतिनिधियों ने विश्वशांति और भारत की भूमिका पर भी ज़ोर दिया। विमोचन में जगदीश्वर निगम का पूरा परिवार मौजूद था और सभी में जोशो खरोश देखते ही बनता था। परिवार के सदस्यों ने बड़े ही भावुक हो कर पूर्व आईसीएस अधिकारी को याद किया।

ये पुस्तक ब्रिटिश राज में 1942 में बलिया में तैनात कलेक्टर जगदीश्वर निगम पर लिखी गई है जिन्होंने 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पहला प्रशासनिक विद्रोह किया था। जिसे ब्रिटिश शासन ने जगदीश्वर निगम को बागी बलिया नाम दिया था। 1923 बैच के आईसीएस अधिकारी जगदीश्वर निगम बलिया में कलेक्टर पद पर तैनात थे और उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपने सरकारी कलेक्ट्रेट पर तिरंगा फहराकर ब्रिटिश शासन की चूलें हिलाकर रख दी थीं।

इस पुस्तक को जगदीश्वर निगम की दोनों पौत्रियों राज दरबारी और जेनिस दरबारी ने लिखा है। दोनों ने अपनी मां और जगदीश्वर निगम की बेटी शीला दरबारी द्वारा बताई दिलचस्प हकीकत को पुस्तक के रूप में संकलित किया है। इस पुस्तक को सदी के महानायक अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी सराहा है और जगदीश्वर निगम के भारत छोड़ो आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने और उनकी जीवनी आमजन तक पुस्तक के रूप में पहुंचाने के लिए उनके परिवार को बधाई दी है।

इंद्रेश कुमार ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सूर्य के समान है जो उस पर पत्थर फेंकने का प्रयास करेगा स्वयं पर चोट करेगा। विपक्ष के हंगामा पर उन्होंने जमकर निशाना साधते हुए कहा कि यह सदन की कार्यवाही और सदन के समय को बर्बाद करने का प्रयास है। देश विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है जिसमें सब का सहयोग व योगदान आवश्यक है।

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