सजग, सबल, सशक्त भारत के लिए महिलाओं का सम्मान व सशक्तिकरण जरूरी: इंद्रेश कुमार

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जयपुर, 13 अगस्त। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपने मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार के नेतृत्व में जयपुर में रक्षा बंधन त्योहार के उपलक्ष्य में भाई बहन दिवस समारोह मनाया। समारोह में देश भर से मौजूद मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ताओं के साथ साथ हजारों की तादाद में महिलाएं एवं पुरुषों ने शिरकत की जिन्हें संबोधित करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि सजग, सबल, सशक्त भारत के लिए महिलाओं का सम्मान एवं सशक्तिकरण जरूरी है। कार्यक्रम के साथ साथ आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में तिरंगा यात्रा भी निकाली गई तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षा रोपण भी किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार के अलावा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से राष्ट्रीय संयोजिका शालिनी अली, रेशमा हुसैन, राष्ट्रीय संयोजक अबू बकर नकवी, प्रदेश सह संयोजक हनीफ खान, प्रदेश संयोजिका आसिया खान, समीर मलिक, महाराष्ट्र के सह संयोजक इरफान अली और पूर्व प्रचारक राम प्रकाश भी शामिल हुए। इस मौके पर मौजूद बहनों ने वरिष्ठ संघ नेता को रक्षा सूत्र बांधा। संघ नेता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा बंधन ऐसा त्योहार है जिससे हमें महिलाओं के प्रति सम्मान और इज्ज़त की भावना का ज्ञान होता है।

इंद्रेश कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों की खुदाई अहमियत से रू ब रू कराया। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने फरमाया है कि मां के कदमों में जन्नत है और इस बात का जिक्र कुरान और हदीस में है। आज की छोटी बच्ची कल को बड़ी हो कर मां बनती है। ईश्वर ने मां और जननी बनने की शक्ति महिला को ही दिया है। फिर ऐसे में महिलाओं की इज्जत और हिस्सेदारी समाज में क्या है इसे बखूबी समझा जा सकता है।

वरिष्ठ संघ नेता ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए योजना की वकालत करते हुए कहा कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा आज हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। हम सब को इस ओर ध्यान देना चाहिए और अपनी बच्चियों की तौहीन नहीं करनी चाहिए बल्कि उनकी शिक्षा पर जोर देना चाहिए। शिक्षा के बिना कोई भी समाज सबल और सशक्त नहीं हो सकता है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मंच की चलाई मुहिम के बाद बीजेपी सरकार ने समाज को तीन तलाक जैसी कृतियों पर लगाम लगाने के लिए कानून दिया और इस कानून का फायदा आज करोड़ों मुस्लिम महिलाओं को मिल रहा है।

मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने डीएनए की नई परिभाषा देते हुए कहा कि जहां तक व्यक्ति के डीएनए का प्रश्न है हम सब की पहचान हमारे सपने (ड्रीम), वतन (नेशन) और पूर्वजों (एंसेस्टर) से जुड़ी होती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब हम सोते हैं तो सपने में जो दृश्य दिखता है वो हमारी मातृभाषा में होता है और हमारे वतन से ही जुड़ा होता है। संघ नेता ने व्यंग करते हुए कहा कि जाहिर है सपने पर किसी का जोर नहीं होता, वहां हम ये नहीं कह सकते कि अगर हिंदी या हिंदुस्तानी सपना आया और अरबी भाषा या अरब देश से जुड़ा सपना नहीं आया तो ‘ सर तन से जुदा’!! सपने पर बंदे का नहीं परवरदिगार का ज़ोर चलता है।

संघ नेता ने कहा कि दंगा मुक्त हिंदुस्तान, छुआ छूत मुक्त हिंदुस्तान, प्रदूषण मुक्त हिंदुस्तान, अनपढ़ता मुक्त हिंदुस्तान और बेरोजगारी मुक्त हिंदुस्तान… जिसमें नफरत, दंगा और हिंसा नहीं बल्कि मोहब्बत, भाईचारे और सकून हो… इसके लिए जरूरी है अपने जड़ों से जुड़ना। उन्होंने कहा कि यह एक आंदोलन है। जब हम जड़ों से जुड़ेंगे तो सारे झगड़े झंझट सब अपने आप दूर होने लगेंगे और हम एक दूसरे के सहयोग और मदद के लिए आगे बढ़ेंगे।

कार्यक्रम के अंत में आजादी के अमृत महोत्सव के मद्देनजर इंद्रेश कुमार के नेतृत्व में शहर में तिरंगा यात्रा निकाली गई तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाने के लिए वृक्ष भी लगाए गए।

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