सोनम वांगचुक की हालत गंभीर? दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य निगरानी के दिए आदेश

TheInterviewTimes.com | 16 जुलाई 2026 | नई दिल्ली

सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन 19वें दिन पहुंचा। दिल्ली हाईकोर्ट ने नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग के आदेश दिए, जबकि डॉक्टरों ने अंगों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई।

Article Summary

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी डॉक्टरों द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने का निर्देश दिया है। वहीं डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार उपवास के कारण अब शरीर के अंग प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।

Key Highlights

  • सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन में पहुंचा।
  • दिल्ली हाईकोर्ट ने नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग के आदेश दिए।
  • डॉक्टरों के अनुसार वांगचुक का वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है।
  • 20 जुलाई को संसद मार्च (Chalo Sansad) का आह्वान।
  • NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।

19 दिन से भूखे हैं सोनम वांगचुक, डॉक्टर बोले अब बढ़ सकता है बड़ा खतरा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिर रही है। गुरुवार को उनके अनशन का 19वां दिन है। चिकित्सकों के अनुसार उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घटकर 56.9 किलोग्राम रह गया है।

डॉ. सतीश लांबा ने मेडिकल अपडेट देते हुए बताया कि वांगचुक फिलहाल मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं। उनका ब्लड शुगर 80 mg/dL और पल्स रेट 72 प्रति मिनट दर्ज किया गया है।

हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि अब उनका शरीर ऐसे चरण में प्रवेश कर सकता है जहां लंबे उपवास का असर मांसपेशियों के बाद शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।

दिल्ली हाईकोर्ट का हस्तक्षेप

वांगचुक की बिगड़ती हालत को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी डॉक्टरों को नियमित स्वास्थ्य जांच करने का निर्देश दिया है। याचिका में आशंका जताई गई थी कि यदि समय रहते चिकित्सकीय निगरानी नहीं हुई तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।

अदालत ने स्वास्थ्य विभाग को नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा है ताकि उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

अनशन खत्म करने से किया इनकार

स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे उनसे उपवास खत्म करने की अपील करने के बजाय 20 जुलाई को प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च में शामिल हों। यह मार्च संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित करने की घोषणा की गई है।

क्या हैं उनकी मांगें?

सोनम वांगचुक NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गंभीर गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।

उनका आरोप है कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में व्यवस्था पूरी तरह विफल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

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आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई?

वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल हुए थे। यह प्रदर्शन नागरिक समूह “कॉकरोच जनता पार्टी” के नेतृत्व में 20 जून से जारी था। आंदोलन की शुरुआत NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के विरोध में हुई थी। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

आगे क्या?

अब सबकी नजर 20 जुलाई को प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च और दिल्ली हाईकोर्ट के अगले निर्देशों पर रहेगी। यदि वांगचुक का अनशन जारी रहता है तो उनकी स्वास्थ्य स्थिति और आंदोलन, दोनों राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का प्रमुख विषय बने रह सकते हैं।

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