TheInterviewTimes.com | 15 जुलाई 2026 | नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह बातचीत के लिए नहीं आया तो अगले हफ्ते उसके बिजलीघरों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। जानिए पूरा घटनाक्रम।
Key Highlights
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमले की धमकी दी।
- अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू की।
- लगातार चौथी रात अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन स्थित अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
- क्षेत्र में युद्ध और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी।
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मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तेहरान अगले सप्ताह तक बातचीत की मेज पर नहीं आता है, तो अमेरिका उसके बिजलीघरों (Power Plants) और पुलों (Bridges) को निशाना बनाएगा।
ट्रंप ने कहा कि ईरान पर सैन्य दबाव तब तक जारी रहेगा जब तक वह अमेरिका की शर्तों पर बातचीत के लिए तैयार नहीं होता।
अमेरिका ने फिर लागू की नौसैनिक नाकेबंदी
अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (Joint Maritime Information Center) ने ईरान के सभी बंदरगाहों, समुद्री तटों और तेल टर्मिनलों पर दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है।
अमेरिकी बयान के अनुसार:
- ईरान जाने या वहां से निकलने वाले जहाजों की जांच की जाएगी।
- आदेश नहीं मानने वाले जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग किया जा सकता है।
- हालांकि, अन्य देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोका नहीं जाएगा।
- मानवीय सहायता (Humanitarian Aid) ले जाने वाले जहाज निरीक्षण के बाद गुजर सकेंगे।
लगातार हवाई हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार हाल के दिनों में 300 से अधिक ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन बेस और नौसैनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
At 6 a.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching a wave of strikes against Iran. The strikes are designed to further degrade military capabilities Iranian forces have used to attack commercial shipping in the Strait of Hormuz.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 15, 2026
इस अभियान में दो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर सहित 20 से अधिक युद्धपोत क्षेत्र में तैनात हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
हालांकि जॉर्डन की सेना का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
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पहले भी दे चुके हैं ऐसी धमकी
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी दी हो। अप्रैल में भी उन्होंने कहा था कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला तो उसके सभी पुल और बिजलीघर तबाह कर दिए जाएंगे। उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभावित युद्ध अपराध (War Crimes) को लेकर भी सवाल उठे थे, हालांकि बाद में युद्धविराम हो गया था।
वैश्विक असर की आशंका
यदि अमेरिका वास्तव में ईरान के बिजलीघर और परिवहन ढांचे पर हमला करता है, तो इससे केवल सैन्य संघर्ष ही नहीं बढ़ेगा बल्कि पूरे मध्य पूर्व में मानवीय संकट, तेल आपूर्ति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है और यहां तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।
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