Volkswagen में 50,000 और नौकरियों पर संकट, CEO ने दी बड़ी चेतावनी

New Delhi | TheInterviewTimes.com | 14 July 2026

यूरोप की सबसे बड़ी कार निर्माता Volkswagen (VW) एक बार फिर बड़े पुनर्गठन (restructuring) की तैयारी में है। कंपनी के CEO Oliver Blume ने कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक मेमो में चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर 50,000 अतिरिक्त नौकरियों में कटौती करनी पड़ सकती है। यह पहले से तय 50,000 जॉब कट्स के अलावा होगी, जिन्हें 2030 तक लागू किया जाना है।

क्यों हो सकती है इतनी बड़ी छंटनी?

ब्लूम के अनुसार, Volkswagen की लागत (cost structure) अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में लगभग 20% अधिक है। कंपनी का मानना है कि यदि यह अंतर कम नहीं किया गया, तो भविष्य में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होगा। हालांकि CEO ने स्पष्ट किया कि 50,000 नौकरियों का आंकड़ा फिलहाल एक “theoretical deduction” है, अंतिम फैसला नहीं।

बोर्ड ने खारिज की और बड़ी योजना

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पिछले सप्ताह Volkswagen के Supervisory Board ने ब्लूम की अधिक आक्रामक restructuring योजना को खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उस प्रस्ताव में 1 लाख तक नौकरियां खत्म करने और जर्मनी के चार कारखाने बंद करने का सुझाव था।

बोर्ड ने 12-7 के मत से इस योजना को अस्वीकार कर दिया। कर्मचारी यूनियनों और जर्मनी के Lower Saxony राज्य ने इसका कड़ा विरोध किया, क्योंकि Volkswagen के प्रशासनिक ढांचे में दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

पहले से लागू है 50,000 नौकरियों की कटौती

Volkswagen पहले ही 2030 तक समूह की विभिन्न कंपनियों, जैसे VW Brand, Audi, Porsche और Cariad, में लगभग 50,000 कर्मचारियों की संख्या घटाने पर सहमत हो चुका है। कंपनी का कहना है कि यह प्रक्रिया मुख्य रूप से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Early Retirement), प्राकृतिक रिक्तियों (Attrition) और Voluntary Exit के जरिए पूरी की जाएगी।

उत्पादन और मॉडल भी होंगे कम

कंपनी ने संकेत दिया है कि वह अपनी वैश्विक उत्पादन क्षमता को 1 करोड़ (10 million) वाहनों से घटाकर 90 लाख (9 million) वाहन करेगी। इसके साथ ही Volkswagen अपने मॉडल पोर्टफोलियो को भी लगभग 50% तक कम करने की योजना बना रही है।

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कर्मचारियों में बढ़ी अनिश्चितता

विश्लेषकों का कहना है कि बोर्ड बैठक के बाद भी कंपनी ने स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया है। कर्मचारी परिषद (Works Council) लगातार लागत कटौती की विस्तृत योजना मांग रही है, जबकि Lower Saxony सरकार भी प्रबंधन के साथ समाधान तलाशने में जुटी है।

अब अगली Supervisory Board बैठक सितंबर में होगी। तब तक Volkswagen के हजारों कर्मचारियों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

Volkswagen दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्माताओं में से एक है। यदि कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी करती है, तो इसका असर केवल जर्मनी ही नहीं बल्कि उसके वैश्विक संचालन, सप्लाई चेन और ऑटो इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है। यह घटना यह भी दिखाती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा, चीन की कंपनियों का दबदबा और लागत कम करने की चुनौती पारंपरिक वाहन निर्माताओं पर कितना दबाव बना रही है।