TheInterviewTimes.com | July 17, 2026 | New Delhi
दिल्ली कैबिनेट ने 400 करोड़ रुपये की Delhi Startup Policy 2026 को मंजूरी दी। विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और ITI में Incubation Centres बनेंगे, स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरशिप मिलेगी।
Article Summary
दिल्ली सरकार ने नई Delhi Startup and Incubation Policy को मंजूरी दे दी है। अगले पांच वर्षों में 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर राजधानी में स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इस नीति के तहत विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और सरकारी स्कूलों में इनक्यूबेशन सेंटर विकसित किए जाएंगे, ताकि युवा नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें।
Key Highlights
- दिल्ली कैबिनेट ने Delhi Startup and Incubation Policy को मंजूरी दी।
- अगले 5 वर्षों में 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश।
- शुरुआती चरण में 11 राज्य विश्वविद्यालय, 13 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और सरकारी स्कूल शामिल।
- स्टार्टअप्स को आइडिया से लेकर कमर्शियलाइजेशन तक वित्तीय सहायता।
- मेंटरशिप, लैब, आईपी (Intellectual Property) सपोर्ट और बिजनेस एडवाइजरी की सुविधा।
- 2035 तक कम से कम 5,000 स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का लक्ष्य।
- दिल्ली स्टार्टअप नीति 2026: 400 करोड़ रुपये की योजना से युवाओं को मिलेगा नया अवसर
दिल्ली कैबिनेट ने 400 करोड़ रुपये की Delhi Startup Policy 2026 को दी मंजूरी, युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका
दिल्ली सरकार ने राजधानी को देश के प्रमुख Startup Hub के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में Delhi Startup and Incubation Policy को मंजूरी दे दी गई। सरकार अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिल्ली के युवाओं को “Job Seeker” से “Job Creator” बनाना है। उनका कहना है कि कई अच्छे आइडिया केवल फंडिंग, मेंटरशिप और संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। नई नीति इस समस्या को दूर करने का प्रयास करेगी।
किन संस्थानों को मिलेगा लाभ?
Delhi Startup Policy 2026 के तहत पहले चरण में निम्न संस्थानों को शामिल किया गया है:
- 11 राज्य विश्वविद्यालय
- 13 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज
- पॉलिटेक्निक संस्थान
- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI)
- सरकारी स्कूल
इन संस्थानों में Incubation Centres स्थापित या मजबूत किए जाएंगे। इसके लिए सरकार एकमुश्त वित्तीय सहायता के साथ-साथ हर वर्ष संचालन के लिए भी धन उपलब्ध कराएगी।
Delhi Startup Policy 2026: स्टार्टअप्स को किस तरह की सहायता मिलेगी?
नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को विभिन्न चरणों में सहायता मिलेगी। इनमें शामिल हैं:
- Proof of Concept
- Prototype Development
- Product Development
- Market Validation
- Commercialisation
Delhi Startup Policy 2026इसके अलावा स्टार्टअप्स को ऑफिस स्पेस, विशेषज्ञों की मेंटरशिप, बिजनेस सलाह, Intellectual Property (IP) सहायता और लैब और टेस्टिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
निगरानी के लिए बनेगी विशेष समिति
सरकार नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए State Incubation Policy Monitoring Committee का गठन करेगी। यह समिति योजना की प्रगति की निगरानी करेगी और आवश्यक सुधारों की सिफारिश भी करेगी।
हर साल होगा Startup Youth Festival
Delhi Startup Policy 2026 लागू होने के बाद अब सरकार हर वर्ष Delhi Startup Youth Festival आयोजित करेगी। इसमें छात्र, स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति निर्माता एक मंच पर आएंगे। इसका उद्देश्य नेटवर्किंग, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना है।
दिल्ली बनेगी Innovation & Entrepreneurship Hub.
— Delhi Government (@DelhiGovDigital) July 16, 2026
मुख्यमंत्री श्रीमती @gupta_rekha जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इन्क्यूबेशन नीति को मंजूरी दी है।
✅ अगले 5 वर्षों में ₹400 करोड़+ का निवेश
✅ 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 वित्तपोषित कॉलेजों, आईटीआई व… pic.twitter.com/BcDZMT5unh
Delhi Startup Policy 2026: 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने पिछले वर्ष जारी ड्राफ्ट नीति में वर्ष 2035 तक कम से कम 5,000 स्टार्टअप्स को विकसित करने का लक्ष्य रखा था। नई नीति उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो दिल्ली शिक्षा और स्टार्टअप इनोवेशन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकती है।
क्या होगा इसका असर?
Delhi Startup Policy 2026 से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को अपने बिजनेस आइडिया पर काम करने का बेहतर अवसर मिलेगा। शुरुआती फंडिंग, तकनीकी मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़ाव मिलने से स्टार्टअप शुरू करना पहले की तुलना में आसान हो सकता है।
यदि सरकार निर्धारित लक्ष्य के अनुसार निवेश और सहयोग जारी रखती है, तो यह नीति रोजगार सृजन, नवाचार और दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
